दुधारू पशुओं में प्रजनन

पशुओं में प्रजनन

पशुओं में प्रजनन  की सफलता के लिए पशुपालकों को मादा पशु में पाए जाने वाले मद चक्र की प्रक्रिया को जानना बहुत ही आवश्यक है। गाय या भैंस सामान्य तौर पर हर १८ से २१ दिन के बाद गर्मी में आती है जो की पशुओं के शरीर का वज़न लगभग २५० किलो होने पर शुरू होता […]

गर्मी में पशुपालन कैसे करें ?

गर्मी में पशुपालन

गर्मी में पशुपालन  करते समय पशुओं की विशेष देखभाल की जरुरत होती है क्योकि बेहद गर्म मौसम में , जब वातावरण का तापमान ‍ 42-48 °c तक पहुँच जाता है और गर्म लू के थपेड़े चलने लगतें हैं तो पशु दबाव की स्थिति में आ जाते हैं। इस दबाव की स्थिति का पशुओं की पाचन प्रणाली और दूध उत्पादन क्षमता पर उल्टा प्रभाव पड़ता है।गर्मी में पशुपालन  करते समय नवजात पशुओं की देखभाल में अपनायी गयी तनिक सी भी असावधानी उनकी भविष्य की शारीरिक वृद्धि , स्वास्थ्य , रोग प्रतिरोधी क्षमता और उत्पादन क्षमता पर स्थायी कुप्रभाव डाल सकती है । गर्मी में पशुपालन करते समय करते समय करते समय  ध्यान न देने पर पशु के सूखा चारा खाने की मात्रा में १०–३० प्रतिशत और दूध उत्पादन क्षमता में १० प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। साथ ही साथ अधिक गर्मी के कारण पैदा हुए आक्सीकरण तनाव की वजह से पशुओं की बीमारियों से लड़नें की अंदरूनी क्षमता पर बुरा असर पडता है और आगे आने वाले बरसात के मौसम में वे विभिन्न बीमारियों के शिकार हो जाते हैं ।पशुओं को भीषण गर्मी, लू एवं तापमान के दुष्प्रभावों से कैसे बचाएं पशुधन को भीषण गर्मी, लू एवं तापमान के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एहतियात बरतने की […]

पशुओं के लिए खनिज लवण का मह्त्व

पशुओं के लिए खनिज लवण का मह्त्व

पशुओं के लिए खनिज लवणों का उनके प्रजनन में अतिमहत्वपूर्ण स्थान है। शरीर में इनकी कमी से नाना प्रकार के रोग एवं समस्यायें उत्पन्न हो जाती है। पशुओं में खनिज लवणों के कमी से पशुओं का प्रजनन तंत्र भी प्रभावित होता है, जिससे पशुओं में प्रजनन संबंधित विकार पैदा हो जाते है, जैसे पशुओं का बार-बार […]

डेयरी फार्म उधोग खड़ा किया IT करियर छोड़ ,करोड़पति बनें

डेयरी फार्म उधोग

डेयरी फार्म उधोग खड़ा किया संतोष डी सिंह, जिन्होंने ने अच्छी -खासी आईटी करियर  छोड़कर आज उनके डेयरी फार्म उधोग का कुल टर्नओवर 1 करोड़ रुपए सालाना है। कंपनी : अमृता डेयरी फार्म्ससंस्थापक : संतोष डी सिंहक्या खास : आईटी सेक्टर प्रोफेशनल द्वारा कम संसाधनों के साथ शुरू किया गया डेयरी फार्म उधोग समय के साथ कामयाब बिजनेस की शक्ल […]

१५ लाख की नौकरी छोड़, डेयरी फार्मिंग कर करोड़पति बनें गौतम अग्रवाल की कहानी ।

डेयरी-फार्मिंग

गौतम अग्रवाल की कहानी उन्हीं के जुबानी  ‘एमबीए करने के बाद मैं एक कंपनी में पंजाब का स्टेट हेड बन चुका था। पोस्टिंग लुधियाना में थी,और 15 लाख रुपए का एनुअल पैकेज। कई बड़ी कंपनियों से जॉब के ऑफर भी थे। लेकिन, उन्हें छोड़कर मैंने मिल्क प्रोसेसिंग और डेयरी फार्मिंग कर करोड़पति बनें और कुछ […]

गर्मी में मुर्गी पालन कैसे करें ?

गर्मी में मुर्गी पालन

गर्मी में मुर्गी पालन करने वालों के लिए आवश्यक है कि तापमान की तेजी से मुर्गियों को बचाया जाए, क्योंकि गर्मीं अधिक बढ़ने से मुर्गियों की मृत्यु दर बढ़ सकती है।मुर्गियों में अधिक मृत्यु दर होने से मुर्गीपालकों को भारी वित्तीय हानि उठानी पड़ सकती है।गर्मी के मौसम में थोड़ी सावधानी से मुर्गियों को तेज गर्मी के प्रकोप से बचाया जा सकता है और अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। ग्रोवेल एग्रोवेट के वरिष्ठ पशु चिकित्सक कहतें हैं कि चूजों में गर्मी झेलने की क्षमता अधिक होती है और करीब ४२  डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर ये चूजे आसानी से रह लेते हैं। उनका कहना है कि वयस्क मुर्गियों को गर्मी […]

सूकर पालन कैसे करें ?

सूकर पालन कैसे करें

सूकर पालन कम कीमत पर में कम समय में अधिक आय देने वाला व्यवसाय साबित हो सकता हैं,जो युवक पशु पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं सूकर एक ऐसा पशु है, जिसे पालना आय की दृष्टि से बहुत लाभदायक हैं, क्योंकि सूकर का मांस प्राप्त करने के लिए ही पाला जाता हैं […]

दुधारू पशुओं के आहार संतुलित कैसे बनायें और खिलाएं?

दुधारू पशुओं के आहार

दुधारू पशुओं के आहार संतुलित कैसे बनायें और खिलाएं,पशुपालको के लिए ये बात काफी मायने रखता है ।संतुलित आहार उस भोजन सामग्री को कहते हैं जो किसी विशेष पशु की 24 घन्टे की निर्धारित पौषाणिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। दुधारू पशुओं के आहार  में कार्बोहार्इड्रेट, वसा ,प्रोटीन और खनिज लवण के आपसी विशेष अनुपात के […]

भैंस पालन से सम्बंधित जानकारियाँ

भैंस पालन

भैंस पालन का डेयरी उधोग में काफी महत्व है । भैंस और विदेशी नस्ल की गायें ज्यादा मात्रा में दूध देती हैं।भारत में 55 प्रतिशत दूध अर्थात 20 मिलियन टन दूध भैंस पालन से मिलता है। भारत में मुख्यतःतीन तरह की भैंसें मिलती हैं, जिनमें मुरहा, मेहसना और सुरति प्रमुख हैं। मुरहा भैंसों की प्रमुख […]

मुर्गीपालन लाभकारी व्यवसाय क्यों और कैसे?

मुर्गीपालन लाभकारी

मुर्गीपालन लाभकारी व्यवसाय क्यों और कैसे , यह एक बहुत बड़ा सवाल है ,चलिए हम आपको बतातें हैं की ,मुर्गीपालन क्यों और कैसे ,एक लाभकारी व्यवसाय है ? मुर्गीपालन एक लाभकारी व्यवसाय होने के बहुत सारे कारण हैं ,जिसकी हम निम्नांकित बिंदुओं में चर्चा करेंगे  । मुर्गीपालन व्यवसाय में हम अधिक से अधिक लाभ कमा सकें […]